क्षयरोग (टीबी) – देश के लिए एक चुनौती

Tuberculosis (TB) - a challenge for the country revoiceindia
क्षयरोग (टीबी) – देश के लिए एक चुनौती
 
भारत मे सर्वाधिक टीबी के मरीज है। देश के लिए यह बिमारी एक चुनौती बन चुकी है । कई मरीज ऐसे भी है जो कभी स्वस्थ नही हो सकते। इस रोग में  जन और धन दोनो को नुकसान पहुंचता है । सरकारी अस्पतालो मे टीबी के मुफ्त इलाज की व्यवस्था है । लेकिन फिर भी लोग बेहतर इलाज के लिए निजी अस्पतालो मे ही जाते है । स्वास्थ,  राजनैतिक मुद्दा नही है,  इसलिए इस ओर ध्यान ही नही जाता की अगर देश की जनता इस घातक बीमारी की चपेट मे रहेगी, तो हम कैसे प्रगति  के रास्ते पर आगे बढ सकते है। कई बार निजी अस्पतालो मे टीबी के  शुरुआती स्तर  पर इलाज करने मे देरी की जाती है, उन्हें बताया ही नही जाता ही उन्हें टीबी है!  फिर भी देश के निजी अस्पतालो मे भारी संख्या मे टीबी के मरीजो का इलाज हो रहा है । यह बहुत दुखद है कि सरकारी अस्पतालो मे टीबी के मुफ्त इलाज के बावजूद मरीज इलाज के लिए निजी अस्पतालो और डाक्टरो के पास पहुंच रहे है । ऐसे मे मुफ्त इलाज की सुविधा निजी अस्पतालो तक पहुंचना जरूरी प्रतीत  होता है । कुछ एक दो शहरो मे यह हुआ भी है, पर इसे राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने की जरूरत है । देश की सरकार टीबी के खिलाफ जंग मे अपने कदम बढा रही है । कई टीबी केयर सेंटर भी खोले गए है। पर फिर भी लोगो का रूझान निजी अस्पतालो की ओर ज्यादा है । टीबी के इलाज के लिए निजी और सरकारी क्षेत्रो को एक दूसरे के साथ तालमेल और सहयोग बनाना होगा । अगर समय रहते टीबी पर अंकुश नही लगाया गया तो  देश की प्रगति सदैव ऐसे ही बाधित रहेगी।
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