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संतत्व दिवस

संतत्व दिवस     दया की देवी मदर टरेसा को चार सितम्बर को संत की उपाधि दी जायेगी । संत  की उपाधि एक ऐसा सम्मान है! जिसमे पोप द्वारा  यह घोषणा की जाती है कि वह व्यक्ति जिसे उपाधि दी जा रही है । वह ईश्वर की कृपा प्राप्त करने के लिए पूर्ण  सत्यनिष्ठां  के […]

Gau-murder

गऊ-हत्या

गऊ-हत्या    गाय को हम सब हिन्दू, माता के रूप में मानते है ! और यह कोई नयी शुरू होने वाली मानयता नही है! यह वेदों – ऋषियों के काल से चली आ रही मानयता है! प्राचीन समय से ही गाय दान करना बहुत पुण्य का कार्य मन जाता था! पहले भी राजा महाराजा,ऋषियो मुनियो […]

Festivals of India revoiceindia

भारत के त्यौहार

त्यौहार    आज मनुष्य चाँद पर पहुच गया है ! हम विज्ञान का युग में जी रहे है!  विज्ञानं और तकनिकी के क्षेत्र में एक के बाद  महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर रहे है है । जीवन के लगभग सभी क्षेत्रों में नित नए अनुसंधान एवं प्रयोगों के माध्यम से मनुष्य विकास की ओर अग्रसर हुआ […]

Tuberculosis (TB) - a challenge for the country revoiceindia

क्षयरोग (टीबी) – देश के लिए एक चुनौती

क्षयरोग (टीबी) – देश के लिए एक चुनौती   भारत मे सर्वाधिक टीबी के मरीज है। देश के लिए यह बिमारी एक चुनौती बन चुकी है । कई मरीज ऐसे भी है जो कभी स्वस्थ नही हो सकते। इस रोग में  जन और धन दोनो को नुकसान पहुंचता है । सरकारी अस्पतालो मे टीबी के मुफ्त इलाज […]

lord shiv is called tripurari

भगवान शिव इसलिए कहलाते है, त्रिपुरारी

भगवान शिव इसलिए कहलाते है, त्रिपुरारी   भगवान शिव का एक नाम त्रिपुरारी भी प्रसिद्ध है! कहावत है, भगवान शिव ने तारकाक्ष, कमलाक्ष व विद्युन्माली के त्रिपुरों का नाश किया था। । त्रिपुरों का नाश करने के कारण ही भगवान शिव त्रिपुरारी कहलाये ! शिवपुराण के अनुसार, दैत्य तारकासुर के तीन पुत्र थे- तारकाक्ष, कमलाक्ष व […]

conditions of deadbodies revoiceindia

शवो की ऐसी दुर्दशा

जङ होता समाज    अंतिम  संस्कार  जीवन का आखिरी संस्कार है । परिजन मृत व्यक्ति का अंतिम संस्कार  पूरे विधि विधान से करते है । पर मरने के बाद शवो की दुर्दशा के मामले केवल प्रशासन ही नही पूरे समाज बल्कि यूँ  कहे कि पूरी मानवता को शर्मसार कर रहे  है। लावारिस शवो की दुर्गति […]

E-book and book revoiceindia

ई-बुक और किताब

 ई-बुक और किताब  लगभग एक दशक पहले कागज पर छपी हुई किताबो को श्रधांजलि देनी शुरू कर दी गयी थी। कहा जाने लगा था कि पढाई और अध्यन का भविष्य ई-बुक है। बाजार भी ई-बुक रीडरो से भर गया था । किताबो के ई-संस्करणों की बाजार मे जैसे बाढ सी आ गयी थी । और ईटरनेट ने इसे जैसे उंगलियो का खेल […]