सरोगेसी

Surrogacy
सरोगेसी  
 
कई पति-पत्नियों बच्चे को जन्म देने में  असमर्थ होते है ! कुछ मामलो में पति में कोई शारीरिक  समस्या होती है तथा कुछ में पत्निया बच्चे को जन्म देने में असमर्थ होती है ! ऐसे में उनका जीवन एक बच्चे के आभाव में नीरस हो जाता है! लकिन आज के समय में कुछ ऐसे तरीके है! जिसमे  पति पत्नी के पास बच्चा पाने के दो रास्ते होते हैं। पहला है टेस्ट ट्यूब बेबी, और दूसरा है सेरोगेसी! ऐसे लोग जिनकी पत्नियों को बच्चे नहीं हो सकते, वे किराये पर कोख लेकर बच्चे को जन्म देते हैं। इसमें ऐसी महिलाओं की जरुरत होती है जो बिना किसी परेशानी के किसी और के बच्चे को जन्म देने के लिए तैयार हो। माँ बनने के बाद महिलाएं बच्चे को किराये पर कोख लेने वाले माँ बाप को सौंप देती है। इस काम के लिए उन्हें अच्छे खासे पैसे  दिए जाते है ! इस प्रक्रिया में किसी पक्ष को कोई हानि नहीं होती ! सेरोगेसी एक व्यवसाय के रूप सामने आया है! भारत के अलावा कुछ अन्य  देश में भी यह प्रचलित है! 
परन्तु समस्या उस समय आती है जब असामान्य बच्चा पैदा होने पर सरोगेसी की सेवा लेने वाले लोग बच्चे को अपनाने से इनकार कर देते हैं। ऐसे परिस्तिथि में बच्चे और जन्म देने वाली सेरोगेट माता दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है! हाल ही में सेरोगेसी पर कुछ क़ानूनी बदलाव हुए है! जिनके तहत कुछ ही परिस्तिथियो में सेरोगेसी की अनुमति होगी वो भी कुछ पूर्व निर्धारित शर्तो के अंतर्गत! ताकि सेरीगेट माता और जन्म लेने वाले बच्चे के अधिकारों की रक्षा हो सके और लोग इस प्रक्रिया का दुर्पुयोग न कर पाए! 
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