सोशल नेटवर्किंग के शिकार

सोशल नेटवर्किंग के शिकार revoiceindia
सोशल नेटवर्किंग के शिकार  
 
फेसबुक पर आकर्षक चहरो को अपनी मित्र सूची मे शामिल करने से पहले जरा सावधान हो जाने की जरूरत है । संभव है कि दोस्त बन कर कोई हमे ठगने की साजिश कर रहा हो । पिछले कुछ महीनो मे ऐसे ठगी के मामले ज्यादा बङे है। महिलाओ के या दूसरे फर्जी नामो से  फर्जी  प्रोफाइल बना कर पहले फेसबुक पर दोस्ती की  जाती है ! और बाद मे उनकी निजी बातो को उजागर करने की धमकी देकर बलैकमेल किया जाता  है । कुछ मामलो मे पुलिस ने आरोपीयो को पकडा भी है । कई मैट्रीमोनियल विज्ञापन और चैरिटी के नाम पर भी ठगी के मामले सामने आए है। ज्यादातर महिलायो से शिकायते मिली है। अभी पिछले दिनो राष्ट्रपति प्रणव  मुखर्जी की बेटी को भी फेसबुक पर एक व्यक्ति द्वारा  अश्लील सन्देश भेजने की शिकायत का मामला  प्रकाश में आया था । दिल्ली एनसीआर मे एक ऐसा ही गिरोह पकडा गया है । जो फर्जी आईडी बनाकर 40 साल से बङी उम्र की महिलायो को ठगी का शिकार बनाता था। भारत मे अभी फर्जी  आईडी का पता लगाने के लिए कोई तकनीक नही है । जांच के लिए भी पुलिस को  सम्बंधित  जानकारी जुटाने मे समय लगता है ।  अभी हाल ही मे फेसबुक  द्वारा उपभोक्ताओ से जुङी जानकारी को साझा करने के मामले मे हाईकोर्ट ने  केन्द्र सरकार से जवाब मांगा है ।  फेसबुक के जरिए सबसे ज्यादा धोखाधडी, धोटाला, धमकी व्  छेडछाड के मामले सामने आते है । सोशल नेटवर्किंग साइट्स के शिकार तेजी से बढ़ रहे है! इसलिए हमे अत्यधिक सावधानी बरतने की जरूरत है!    
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