रेल किराये में बढ़ोतरी

रेल किराये में बढ़ोतरी revoiceindia
रेल किराये में बढ़ोतरी 
 
चलती ट्रेन मे एक ट्वीट पर बच्चे को दूध पहुंचाने का लुभावना सच तो कई बार उछला गया,  पर उसी ट्विट पर ट्रेन लेट की शिकायतों पर कोई सुनवाई नही हुई, न ही ट्विटर पर पैन्ट्री वालो की मनमानी पैसा वसूली और घटिया क्वालिटी के खाने की शिकायतो का अब तक कोई संतोषजनक जवाब मिला है । महंगी होती रेल यात्रा के दौर मे आम आदमी का दर्द कौन समझता है । कई स्तरों पर टिकट दर बढा कर, टीकट रद्द करना महंगा करके, सरकार रेल यात्रीयो की कमर तोड चुकी है । लेकिन यात्रीयो की पर्याप्त सुरक्षा सुविधाओ की सुध लेने वाला कोई नही है । बुलेट ट्रेनो के परीक्षण भले ही सफल रहे हो। लेकिन पर्याप्त सुरक्षा सुविधाओ के साथ समय से चलने वाली ट्रेनो की ज्यादा जरूरत है । जब रेल बजट बनाया गया था तब बात हुई थी कि सारा ध्यान यात्री सुविधाये बढाने और ट्रेनो की  चाल सुधारने पर दिया जाएगा, पर ऐसा कुछ हुआ नही। बस हुआ है तो वह ये कि रेल का सफर एक बार फिर महंगा हो गया है । राजधानी, शताब्दी और दुरंतो ट्रेनो के किराए मे बढोतरी हुई है । और इस बढोतरी के पीछे कारण यह बताया जा सकता है कि ऐसी प्रीमियम ट्रेनो मे यात्रा करने वाले तो कोई भी बोझ उठा सकते है । पर क्या यह तर्क सही होगा । शायद आम आदमी इतनी महंगी यात्रा के बदले हवाई यात्रा करने की सोचेगा। सम्भव है कि कई बार उसका हवाई सफर रेल सफल से सस्ता ही बैठे । इस वृद्धि मे एक और वृद्धि तब होगी जब ट्रैवल एजेंट भी अपना कमिशन स्लैब बढायेगे। बिना सुविधा बढाये प्रीमियम ट्रेनो का किराया बढाने की कोशिश मे रेलवे अपने बहुत सारे नियमित यात्रीयो से हाध धो सकता है
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