नवाचार मे पिछे भारत

India behind in innovation
नवाचार मे पिछे भारत
 
भारत देश नवाचार के मामले मे पिछड़ा हुआ है । और इस पिछड़ेपन के कई कारण है । जिसमे पहला है कमजोर मानसिकता और दूसरा है  आथिर्क अभाव   । किसी भी क्षेत्र में नवाचार हेतु आत्मविश्वासपूर्ण  रचनाशील  मन चाहिये ! जिसका हम भारतीयो मे सर्वथा अभाव मिलता है । नवाचारों की आवश्यकता हर समय हर स्थान पर होती है। कोई काम करने में कठिनाई हो रही‌ है, उसे सरल करने के लिये नवाचार चाहिए, सफ़लता अवश्य मिलेगी। भारतीयो की मानसिकता ऐसी है कि लोग नौकरी की तलाश मे ही भटकते रह जाते है । दुसरो पर आश्रित होकर जीना अपेक्षाक्रत ज्यादा सरल लगता है! अधिकतर भारतीय रचनात्मक शक्ति द्वारा कोई भी स्वयं  का व्यवसाय करने से कतराते है । क्योंकि नवाचार पर आधारित इन छोटे कार्यो में भी जोखिम ज्यादा और सफलता की संभावना कम रहती है!  केन्द्र सरकार ने नवाचार को प्रोत्साहित  करने की दिशा मे कदम उठाया है । मोदी जी सिकिल इडिया व सटैड अप इडिया कार्येक्रम के माध्यम से  नवाचार को  प्रोत्साहित करने की दिशा में  प्रयत्नशील है । इसमें सरकारी फंड, कई टैक्सों में छूट और आसानी से कंपनी खोलने और बंद करने के प्रावधान हैं। अनेक उद्यमियों ने देश में नवाचार को बढ़ावा देते हुए स्टार्ट-अप कंपनियां शुरू की हैं, ऐसेे प्रयासों से देश में रोजगार के अवसर बढ़ंगे । तमाम प्रयासों के बावजूद आसानी से कारोबार करने वाले देशों की सूची में भारत अब भी बहुत पीछे है! अधिक से अधिक युवाओं को इसका फायदा मिले, तभी सरकार की इस योजना की सार्थकता होगी। और हमारा देश नवाचार की दिशा में अग्रसर होगा !
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