हङताल प्रभावकारी कम – जनजीवन पर प्रभाव ज्यादा

हङताल प्रभावकारी कम revoiceindia
हङताल प्रभावकारी कम – जनजीवन पर प्रभाव ज्यादा 
 
हङताल से और कुछ हो न हो, सामान्य जनजीवन सबसे ज्यादा प्रभावित होता है । हाल ही में हुई मजदुर संघटनो की हड़ताल से बैकिंग, सरकारी कार्यालयो, अस्पतालो, परिवहन सभी बुरी तरह प्रभावित हुआ । बैंको मे काम काज ठप रहा। रोडवेज कर्मचारियों की हङताल ने कई जगह  परिवहन व्यवस्था पर असर डाला! संविदा कर्मचारी भी इस  हङताल मे शामिल रहे, और संचालन पूरी तरह बन्द कराने की कोशिश की ।  यहाँ तक की सरकारी अस्पतालो की नर्से भी अपनी मांगो को लेकर हङताल पर चली गई ।  जिससे बहुत से मरीज बीमारियों मे तङपते रहे । आजकल देश मे डेंगू और चिकनगुनिया के मरीज वैसे भी बङ रहे है । सुरक्षा व्यवस्था भंग न हो इसलिए जगह जगह पुलिस अधिकारी तैनात रहे। बैंको मे एक दिन की हङताल से सिर्फ गाजियाबाद मे करोङो रूपये का कारोबार प्रभावित हुआ। यह हङताल कितनी प्रभावी होगी इस पर पक्के तौर पर अभी कुछ नही कहा जा सकता । पर यह हड़ताल और इसके जैसी पहले हुई कई हङताल इस बात की पुष्टि करती है कि इनसे सामान्य जनजीवन प्रभावित जरूर होता है । कई बार इन हङतालो के कारण  आम आदमी को भारी मूल्य चुकाना पड़ता है । आम जनता को कितनी परेशानीयो का सामना करना पडता है । कई अति महत्वपूर्ण काम रूक जाते है । मरिजो की तो जान तक पर बन आती है । ऐसा लगता है जैसे लोगो को सिर्फ अपने फायदे के अलावा कुछ दिखाई नही देता। इन हड़तालों के कारण होने वाले जान माल के नुकसान की जिम्मेदारी लेने के लिए कोई आगे नही आता और मानव की  संवेदनशीलता धराशायी होती नजर आती 
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