बाल यौन शोषण

Gurugram7-year-old boy killed in school, conductor arrested
बाल यौन शोषण
 
बाल यौन शोषण कोई नयी समस्या नहीं है यह न केवल भारत में ही बल्कि एक वैश्विक समस्या है। बाल यौन शोषण हमारे समाज की सामाजिक बुराईयों में से सबसे ज्यादा उपेक्षित बुराई है। बाल यौन शोषण, शारीरिक शोषण का एक प्रकार है जिसमें एक वयस्क या बड़ा किशोर एक बच्चें का यौन शोषण करता है। यह सुनने में जितना बुरा और घृणित लगता है ! वास्तव में उतना ही शर्मनाक है! छोटे बच्चे इसका शिकार होते है ! इन मासूम बच्चो को यह तक नही पता होता की कोई उन्हें अनुचित ढंग से शरीर के अनुचित जगहों पर स्पर्श कर रहा है! बच्चे डर और शर्म से यह बात अपने माता पिता को नहीं बता पाते ! और बार बार उसी व्यक्ति का शिकार बनते है! आश्चर्ये की बात यह है की अधिकतर अपराधी, पीड़ित या उसके परिवार का कोई जानकर ही होता है। इस निकटता के कारण ही अपराधी अनुचित लाभ उठाता है बुरे लोग मासूम बच्चे के दिमाग में बैठे डर का लाभ उठाते है, वह अपराधी व्यक्ति  बच्चो को बहला फुसला कर, डरा धमका कर उनका शोषण करते है, और  इस घृणित कार्ये को अंजाम देते है बाल यौन शोषण पीड़ित बच्चे पर गहरा प्रभाव छोड़ता है!
बाल यौन शोषण के बारे में एक सामान्य धारणा है कि अगर यह बात समाज में उजागर हुई तो  परिवार की गरिमा के खराब होने का भय है। हमारे रुढ़िवादी समाज में छेड़छाड़ के मुद्दे पर लड़की अपनी माता से भी बात करने में असहज महसूस करती है! माता पिता और घर के अन्य  सदस्यो द्वारा  भी उसे चुप रहने की सलाह दी जाती है! लड़कों के मामलों में भी यह होता है! बाल यौन शोषण के  कितने ही ऐसे मामलो तो प्रकाश में ही नही आ पाते!  यह बुरे लोगो को प्रोत्साहित करने में सहायक सिद्ध होता है ! इसकी उपेक्षा के कारण भारत में बाल यौन शोषण की घटनाएं बहुत तेजी से बढ़ रही है। लकिन  इस पर ध्यान देने की जरुरत है ! बाल यौन शोषण अपराध में शामिल है, इसके लिए कानून में प्रावधान है। यह आवश्यक है की माता पिता को अपने  बच्चे को गलत तरीके से छूने और संपर्क बनाने के बारे में जागरुक करना चाहिये और  इस पर उनसे खुल कर बात करनी चाहिए, ताकि बच्चो को इसका शिकार होने से बचाया जा सके!
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