गऊ-हत्या

Gau-murder
गऊ-हत्या 
 
गाय को हम सब हिन्दू, माता के रूप में मानते है ! और यह कोई नयी शुरू होने वाली मानयता नही है! यह वेदों – ऋषियों के काल से चली आ रही मानयता है! प्राचीन समय से ही गाय दान करना बहुत पुण्य का कार्य मन जाता था! पहले भी राजा महाराजा,ऋषियो मुनियो को गाय दान किया करते थे ! आज भी यह माना जाता है की किसी व्यक्ति की प्राणमुक्ति  के लिए यदि गाय दान की जाये तो उसे मुक्ति मिल जाती है! हिन्दू समाज में गऊ हत्या करना माह पाप है! और ऐसा करने वाला पाप का भागी होता है! यह हमारी धार्मिक भावनायो से जुड़ा हुआ है! और इस पर जब  आघात होता है तो हमारी भावनाये आहत होती है! 
आज के समय में गऊ हत्या की जा रही है! हम सब हाल ही में हुए बिसरक कांड को, जिसमे एक मुस्लिम व्यक्ति को लोगो की भीड़ न पिट-पिट कर इसलिए मार दिया था क्योकि उसके घर में गाय का मांस पक रहा था! अभी तक यह मामला अदालत में लंबित है! इस मामले को राजनैतिक रूप भी बहुत  दिया गया! साथ ही साथ यह यह कहना भी उचित होगा की गऊ हत्या के नाम पर इसका दुर्पुयोग भी होता है! कुछ असमाजिक तत्व देश में, या दो समुदायों में हिंसा भड़काने के उद्दश्य से गऊ हत्या के नाम का दुर्पुयोग करते है! दो समुदाय को आपस मे लडवाने, देश की शांति को भंग करने के लिए हिन्दू मंदिरो में गाय के अवशेषों को दाल देते है!  इसके फलस्वरूप देश में हिंसा, दंगे, अराजकता की स्तिथि उत्त्पन्न हो जाती है!  और यह असामाजिक लोग अपने उद्दश्य में सफल होते है! एक हिन्दू होने के नाते  हम यही कहेंगे है की गाय की हत्या करना हमारे धार्मिक भावनायो की हत्या करना है! और कोई भी व्यक्ति या समुदाय विशेष इस घ्रणित कार्य को करता है, तो उस पर अवशय ही क़ानूनी करवाई की जानी चाहिए! 
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