किसानो की जीत-सिंगूर भूमि अधिग्रहण

Farmers win-Singur land acquisition
किसानो की जीत 
 
एक दशक पहले  बंगाल  मे किसानो को अपनी जमीन अनिच्छापूर्वक टाटा मोटर्स को देनी पडी थी । जमीन अधिग्रहण मामले मे सर्वोच्च न्यायलय का फैसला उन किसानो के लिए अत्यंत सुखद है । कोर्ट के फैसले ने बंगाल सरकार को भी बङी राहत और नैतिक जीत दी है । सिंगुर मे जमीन अधिग्रहण पूर्ववर्ती सरकार द्वारा टाटा की नैनो कार के लिए किया गया था । पर आदोलन हो जाने के कारण यह जमीन अब तक वैसे ही पङी थी । ममता बनर्जी ने सत्ता मे आते ही जमीन पुनर्वास व्  उन्नयन  कानून बना कर इसे सरकार के अधीन कर लिया था। इस पर टाटा मोटर्स कलकत्ता उच्च न्यायालय मे गई। जहाँ  हाईकोर्ट ने सरकार के अधिग्रहण को सही ठहराया था और फैसला उनके हक मे आया । इस फैसले के खिलाफ किसानों की तरफ से निजी सामाजिक संघटनओ द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में अपील की गयी ! अब सर्वोच्च न्यायलय  ने इस अधिग्रहण को अवैध करार देते हुए किसानों के पक्ष में  फैसला दिया है! कोर्ट का यह भी तर्क था कि एक कंपनी  के लिए जमीन अधिग्रहण सार्वजानिक उद्देश्य के दायरे मे नही आता। साथ ही कोर्ट ने  फैसला दिया की मुआवजा ले चुके किसानो को इसे लौटाना नही पङैगा। और जिन किसानो ने उस समय मुआवजा  नही लिया था, उन्हें अब मिलेगा। बंगाल के सबसे बडे उत्सव दुर्गा  पूजा से पहले  सिंगुर के किसानो को यह तोहफा मिला है । दस साल के  इंतज़ार बाद कोर्ट के इस फैसले से किसानो की जीत हुई है । पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी सिंगूर भूमि अधिग्रहण के बारे में उच्चतम न्यायालय के फैसले को  ऐतिहासिक जीत करार दिया है । 
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