संवादों के बीच गिरती मर्यादा

संवादों के बीच गिरती मर्यादा revoiceindia
संवादों के बीच गिरती मर्यादा 
 
लोकतंत्र के इस मन्दिर मे संसद और विधानसभाओ मे जब गाली-गलौज, तोड फोङ, सदस्यो के बीच हाथापाई जैसे दृश्य देखने को मिलते है । तो ऐसी अराजकता हमारे जन प्रतिनिधियो को और हम सबको व्यथित और चिंतित करती है । हाल ही मे विपक्ष द्वारा पंजाब  विधानसभा सरकार का विरोध करने के लिए विपक्षी विधायको का तरीका  हैरान करने वाला था। हंगामे ने ऐसा मोङ लिया कि  उन्होंने दो रात तक विधानसभा के अंदर बैठ कर धरना दिया । विधानसभा के दौरान एक कांग्रेसी विधायक ने भाजपा मंत्री  पर जूता  फेंक कर जिस तरह अपने आक्रोश का इजहार किया वह बेहद दुर्भागयपूर्ण और सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला था । और इस विधायक को अपनी शर्मनाक  करतूत पर अफसोस तक नही है । कांग्रेसी दवरा विधानसभा अध्यक्ष पर भी कागज फेंका गया । अपने इस कृत्य से कांग्रेस ने विरोध से अधिक अपनी हताशा का परिचय दिया है । जब देश के जिम्मेदार जन प्रतिनिधियो का यह हाल है तो सदन की मर्यादा की चिंता भला कौन करेगा । यह लोकतंत्र के लिए चिंतित करने वाली बात है । इन राजनीति के ठेकेदारो को लोकतंत्र की मर्यादा की जरा सी भी परवाह नही है । पंजाब  विधानसभा मे जो भी घटा वह दुर्भाग्यपूर्ण था। लेकिन यह कहना मुश्किल है कि हमारे जन प्रतिनिधि इससे सबक लेगे और भविष्य मे ऐसा आचरण नही करेंगे ।  
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