जलवायु समझौता और भारत

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जलवायु समझौता और भारत  
 
ऐतिहासिक जलवायु परिवर्तन समझौते  का मूर्तरूप एक बेहतर भविष्य का वादा करता है!  और अरबो लोगों के जीवन में उम्मीद का एक नया अध्याय जोड़ता है। यह जलवायु समझौता भारत एवं अन्य विकासशील देशों के विकास से जुड़ी आवश्यकताओं को समझने वाला होने के साथ साथ उनके विकास और विकास को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के  प्रयासों को बल देता है।  यह जलवायु समझौता  कमजोर देशों के हितों की भी रक्षा करता है। इस समझौते के जरिये हम अपनी भावी पीढ़ियों को यह विश्वास दिला सकने में समर्थ होंगे की जलवायु परिवर्तन के कारण पैदा हुई चुनौतइयो  को कम करने के लिए हम सब मिलकर काम करेंगे और उन्हें एक बेहतर भविष्य देंगे !  जलवायु परिवर्तन पर पेरिस शिखर  सम्मेलन में प्रधानमंत्री जी ने स्पष्ट किया था की विकासशील देश पर्यावरण के दुश्मन नहीं हैं। उन्होंने विकसित देशो को अपनी इस मनोवृत्ति को न केवल बदलने पर जोर दिया था बल्कि उन्होंने विकसित देशो को  जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए विकासशील दुनिया की मदद  करने और ऊर्जा खपत घटाने के लिए सभी को अपनी जीवनशैली में बदलाव लाने का आह्वान किया था । इस समझौते  के अन्तर्गत  जलवायु परिवर्तन से निपटने की जिम्मेदारी सभी देशों पर डाली गई है। प्रधानमंत्री मोदी ने  जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर भारत द्वारा सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है ! आशा है की यह जलवायु समझौता आने वाले समय में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा ! 
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