रामभक्त जटायु की जय

रामभक्त जटायु की जय
जब राम-भक्त जटायु की अंतिम साँसे चल रही थी तब लक्ष्मण ने उसे कहा कि हे जटायु तुम्हे मालुम था कि तुम रावण से युद्ध कदापि नही जीत सकते तो तुमने उसे ललकारा क्यों ?
तब जटायु ने बहुत अच्छा जवाब दिया था | जटायु ने कहा कि मुझे मालुम था कि मैं रावण से युद्ध मे नही जीत सकता पर अगर मैंने उस वक्त रावण से युद्ध नही किया होता तो भारतवर्ष की आने वाली पीढ़िया मुझे कायर कहती | अरे एक नारी का अपहरण मेरी आँखों के सामने हो रहा है और मैं कायरो की भांति बिल मे पडा रहूँ इससे तो मृत्यु ही अच्छी है मैं अपने सर पे कायरता का कलंक लेके जीना नहीं चाहता था इसलिए मैंने रावण से युद्ध किया |
ये एक पक्षी के विचार है अगर भारतवर्ष के हर लोग की ऐसी सोच होती तो #आज_भारत_विश्वगुरु_होता |
रामभक्त जटायु की जय
जय श्रीराम
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